तिब्बत हाउस - नालंदा इंट्रोडक्टरी कोर्स

तिब्बत हाउस, नई दिल्ली के निर्देशक का नालंदा इंट्रोडक्टरी कोर्स (बैच 1) के आवेदकों के लिए वीडियो संदेश

ऑनलाइन पंजीकरण - नालंदा इंट्रोडक्टरी कोर्स (बैच 1)

एन.आई.सी-1 के लिए पंजीकरण 28 अप्रैल 2025 से 28 मई 2025।

हिंदी अनुवाद के साथ एन.आई.सी-1 के बारे में पंजीकरण फॉर्म के लिए कृपया – यहाँ क्लिक करें – (Click Here)

अंग्रेजी में एन.आई.सी-1 के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया (For more details about NIC1 for English Speaking) – यहाँ क्लिक करें – (Click Here)

रूसी अनुवाद के साथ एन.आई.सी-1 के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया (Более подробную информацию о NIC1 с переводом на русский язык можно найти здесь) – यहाँ क्लिक करें – (Click Here)

फ्रेंच अनुवाद के साथ एन.आई.सी-1 के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया (Pour plus de détails sur NIC1 avec interprétation simultanée en français) – यहाँ क्लिक करें (Cliquez ici)

 

लद्दाखी अनुवाद के साथ एन.आई.सी-1 के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया nalandathladakh@gmail.com पर ईमेल करें (ལ་དྭགས་ཀྱི་སྐད་སྒྱུར་ཐོག་ NIC 1 གི་སློབ་ཚན་གྱི་སྐོར་ལ་ཞིབ་གསལ་ཤེས་འདོད་ཡོད་ན། གཤམ་དུ་ཡོད་པའི་གློག་འཕྲིན་ཁ་བྱང་གི་ཐོག་འབྲེལ་བ་གནང་དགོས nalandathladakh@gmail.com

 

किसी भी प्रश्न के लिए कृपया

nalandacourses@tibethouse.in पर ईमेल करें।

नालंदा इंट्रोडक्टरी कोर्स का अवलोकन

क्रमांक | विषय

 

क्रमांक
विषय
एनआईसी101
परिचय
एनआईसी102
जीवन का उद्देश्य – बुद्ध शाक्यमुनि की जीवन कथा
एनआईसी103
क्या बुद्ध की शिक्षाएँ आज की दुनिया में उपयुक्त हैं? – प्रतीत्यसमुत्पाद मंत्र के सार पर आधारित चार आर्य सत्य और चार मुहरें (चतुर्मुद्रा / चतुर्लक्षण)
एनआईसी104
जीवन की चुनौतियों और चुनौतीपूर्ण भावनाओं का प्रबंधन – बौद्ध मनोविज्ञान और कर्मो के नियमो के संचालन की विवेकशील समझ
एनआईसी105
अपने अस्तित्व को समझना और सम्पूर्ण स्वतंत्रता का मार्ग –
भवचक्र
एनआईसी106
अनंत सुख की दो कुंजियाँ – बोधिचित्त और शून्यता का ज्ञान
एनआईसी107
अनंत सुख की प्राप्ति – दस पारमिताएँ, 5/15 पथ और बुद्ध काया
एनआईसी108
अकेलेपन, तनाव और चिंता को समझना – इसके कारण, अल्पकालिक और दीर्घकालिक समाधान
एनआईसी109

स्थायी सकारात्मक परिवर्तन – तथागतगर्भ, तीन ज्ञान और ध्यान कैसे करें

एनआईसी110
प्रश्न एवं उत्तर सत्र